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महन्त नरेन्द्र गिरि मामले में सीबीआई ने एफआईआर की दर्ज, छह सदस्यीय टीम खंगालेगी सबूत

प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है। सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में प्रयागराज में अमर गिरी पवन महाराज की ओर से दर्ज कराई गई एफआइआर को ही तहरीर बनाकर नई एफआइआर दर्ज की। सीबीआई की दिल्ली यूनिट ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

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सीबीआई की छह सदस्यीय टीम खोलेगी महन्त नरेन्द्र गिरि की मौत के राज

सीबीआई की छह सदस्य टीम शुक्रवार को प्रयागराज पहुंची और एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। सीबीआई विशेष अपराध तृतीय नई दिल्ली के पुलिस अधीक्षक बसील केरकेट्टा ने छह सदस्यीय टीम का गठन महंत की मौत की जांच के लिए किया है। जांच टीम अपर पुलिस अधीक्षक सीबीआई विशेष अपराध तृतीय केएस नेगी के नेतृत्व में विवेचना को आगे बढ़ाएगी। टीम के सदस्य बाघम्बरी मठ गद्दी स्थिति आवास के उस कमरे में भी पहुंचे, जहां महन्त नरेद्र गिरि का शव पंखे से लटके मिलने की बात सामने आयी है।

इसके साथ ही सीबीआई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रयागराज पुलिस द्वारा दर्ज किए गए आरोपियों के बयान, मौके से बरामद फॉरेंसिक साक्ष्य सहित मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां हासिल कर ली हैं। सीबीआई की टीम सबसे पहले सीन रिक्रिएशन कराएगी, जिससे घटना के दिन की पूरी हकीकत सामने आ सके। इसके साथ ही आनन्द गिरि, लेटे हनुमान मन्दिर के मुख्य पुजारी रहे आद्या प्रसाद तिवारी, आद्या के पुत्र सन्दीप तिवारी, घटना के बाद दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारने वाले शिष्य सुमित तिवारी, सर्वेश तिवारी और धनंजय, महन्त की सुरक्षा में तैनात रहे सिपाही अजय सिंह, विवाद के बाद आनन्द गिरि से समझौता कराने वाले अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश पाण्डेय, भाजपा नेता सुशील मिश्रा, सपा सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रहे इंदू प्रकाश मिश्रा, सुसाइड नोट में उत्तराधिकारी बनाए गए महंत बलवीर गिरि और घटना होने के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले आईजी केपी सिंह से भी पूछताछ होने की उम्मीद है।

महन्त नरेन्द्र गिरि की प्रारम्भिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के कारण दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। इस मामले में उन्हे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उनके करीबी शिष्य रहे आनन्द गिरि के साथ बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस उनको गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी जेल में हैं। इनके खिलाफ मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज किया गया हैै। सीबीआई मामले से जुड़े सभी पहुलओं पर गहराई से तफ्तीश कर नतीजे पर पहुंचेगी कि महेन्द्र नरेद्र गिरि ने वाकई में आत्महत्या की थी या फिर इसके पीछे
कोई गहरी साजिश है।

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