Homeराज्यडबल टनल से आधे से कम हो जाएगा देहरादून-टिहरी झील का सफर

डबल टनल से आधे से कम हो जाएगा देहरादून-टिहरी झील का सफर

-टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन ब्रॉडगेज किए बिना मसले नहीं होगे हल
-मुख्यमंत्री धामी ने सामरिक महत्व का केन्द्र को दिया हवाला
-दिल्ली में कई केन्द्रीय नेताओं से की मुलाकात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सामरिक महत्व वाली टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन ब्रॉडगेज की मंजूरी के लिये संस्तुति को लेकर अनुरोध किया है।

नई दिल्ली में इन नेताओं से मुलाकात के दौरान धामी ने कहा कि नैरोगेज रेलवे लाइन से न तो सामरिक महत्व के मसले हल होंगे और न ही अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित होने के कारण यह रेल लाइन सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने गृह मंत्रालय स्तर से कुमाऊं मण्डल में एम्स की सिफारिश करने का भी आग्रह किया।

दरअसल मुख्यमंत्री धामी विकास और चुनाव दोनों का लक्ष्य साधते हुए फ्रंटफुट पर आकर मोर्चा संभाले हुए हैं। उनके नेतृत्व में पहाड़ की जनता को वाकई में डबल इंजन की सरकार का फर्क देखने को मिल रहा है। एक तरफ राज्य सरकार के कई अहम फैसलों से हर वर्ग को लाभ मिला है तो दूसरी ओर धामी केन्द्रीय नेतृत्व के जरिए कई अहम प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिलाने में लगे हुए हैं।

इसी कड़ी में उन्होंने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से देहरादून से टिहरी झील के लिए डबल टनल बनाने का अनुरोध किया है। इसके निर्माण से दून से टिहरी झील की दूरी 105 किमी से घट कर मात्र 35 किमी रह जाएगी। यानी साढ़े तीन घंटे का सफर 45 से 60 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस दौरान गडकरी ने कहा कि उत्तराखण्ड में नए राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 1000 करोड़ और केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि में अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।

इसी तरह मुख्यमंत्री धामी की पहल पर जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करवाने को हरी झंडी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को किशाऊ परियोजना का संशोधित एमओयू का भी आश्वासन दिया। वहीं शेखावत और धामी उत्तराखण्ड में जल जीवन मिशन की जल्द ही संयुक्त समीक्षा करेंगे।

 

मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में राज्य के सांसदों के साथ भी प्रदेश के विकास को लेकर संवाद किया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, केन्द्रीय मंत्री अजय भट्ट, सांसद तीरथ सिंह रावत, अजय टम्टा, माला राज्य लक्ष्मी शाह, अनिल बलूनी और नरेश बंसल मौजूद रहे।

अपने प्रवास दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अपने सियासी गुरु महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से भी शिष्टाचार मुलाकात की। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से उत्तराखण्ड की भूमिका और इस विषय से जुड़ी हुई चुनौतियों के बारे में व्यापक चर्चा की।

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देवभूमि में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी के पास अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए चन्द महीने ही बचे हैं। इसलिए वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। उनकी एक नजर विकास एजेंडे पर है, तो दूसरी से उन्होंने चुनाव पर फोकस किया है। एक महीने में ही जनता को इसका असर भी दिखायी देने लगा है। मुख्यमंत्री की सधे हुए अन्दाज में यह रणनीति पहाड़ में अभी से भाजपा को विपक्ष पर बढ़त बनाते नजर आ रही है।

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