Homeक्षेत्रीय भाषाHemant Soren government of Jharkhjand decides to take back lawsuits filled in...

Hemant Soren government of Jharkhjand decides to take back lawsuits filled in Pathalgari Movement and CNT Act SPT Act

झारखंड की नवगठित हेमंत सोरेन सरकार ने रविवार को फैसला किया कि राज्य में दो वर्ष पूर्व पत्थलगड़ी आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। इसके साथ ही हेमंत सरकार की कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि राज्य के पारा शिक्षकों एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं समेत सभी अनुबंधकर्मियों के बकाए का अविलंब भुगतान किया जाएगा। झारखंड के मंत्रिमंडल सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक रविवार को सचिवालय में हुई और इसमें उक्त आशय के फैसले लिए गए।

ये भी पढ़ें- हेमंत सोरेन बने झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री, तीन मंत्रियों ने भी ली शपथ

मंत्रिमंडल सचिव ने बताया कि राज्य सरकार के फैसले के अनुसार छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) एवं संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (एसपीटी एक्ट) में संशोधन का विरोध करने तथा पत्थलगड़ी करने के संबंध में दर्ज किए गए मामले वापस लेने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और संबद्ध अधिकारियों को तदनुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार ने झारखंड राज्य में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न कराने के लिए भारत सरकार के निर्वाचन आयोग को धन्यवाद दिया तथा इस आशय का एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में पारित किया गया। इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार में विभिन्न विभागों में रिक्त सभी पदों को यथाशीघ्र भरने का निर्देश दिया गया।

राज्य सरकार ने महिलाओं तथा नाबालिगों के यौन उत्पीड़न एवं उनके खिलाफ अन्य अपराधों के बारे में सुनवाई करने के लिए प्रत्येक जिले में त्वरित अदालत के गठन का निर्णय लिया तथा इस उद्देश्य से न्यायिक अधिकारियों के आवश्यक पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने निर्देश दिया कि सभी जिले के उपायुक्त विभिन्न प्रकार के अनुबंध कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, विभिन्न श्रेणियों के पेंशन भोगियों, सभी प्रकार की छात्रवृत्तियों के लाभार्थियों एवं पारा शिक्षकों से संबंधित सभी लंबित भुगतान पूर्ण कराने के लिए प्रखंड तथा पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर कार्रवाई करें।

ये भी पढ़ें- झारखंड शपथग्रहण: हेमंत सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

मंत्रिमंडल में यह भी फैसला किया गया कि सभी उपायुक्त यथाशीघ्र अपने-अपने जिलों में गरीब एवं पात्र व्यक्तियों के बीच कंबल और ऊनी टोपी वितरण का कार्य संपन्न कराएं। साथ ही जाड़े से राहत के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जाए। मंत्रिमंडल में झारखंड राज्य सरकार के प्रतीक चिह्न (लोगो) पर विमर्श किया गया। इसे झारखंड राज्य की संस्कृति, परंपरा, इतिहास एवं स्वर्णिम भविष्य के अनुरूप संशोधित करने की आवश्यकता बताई गई और निर्णय लिया गया कि इस संबंध में प्रस्ताव आमंत्रित कर इसे नया स्वरूप देने की प्रक्रिया की जाएगी।

पाइए देश-दुनिया की हर खबर सब सेपहले www.livehindustan.com पर। लाइव हिन्दुस्तान से हिंदी समाचार अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करें हमारा News App और रहें हर खबर से अपडेट।

Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments