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IAF Mi-17V5 हादसा: ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी हार गए जिन्दगी की जंग, शोक की लहर

नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाप्टर हादसे में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी आखिरकार जिन्दगी की जंग हार गये। बुधवार को उनका निधन हो गया। वह सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ हेलिकॉप्टर में यात्रा कर रहे 14 लोगों के दल में शामिल थे। वायुसेना की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई है।

बीती 8 दिसम्बर को क्रैश हुए IAF Mi-17V5 हेलीकाप्टर में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का इलाज कमांड अस्पताल, बेंगलुरु में चल रहा था, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। भारतीय वायुसेना ने अपने ट्वीट में कहा कि यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का इलाज के दौरान आज निधन हो गया। एयरफोर्स उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करती है और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि ग्रुप कैप्टन वरुण ने गर्व के साथ देश की सेवा की, उनके निधन की खबर से बेहद आहत हूं। राष्ट्र के लिए उनकी समृद्ध सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं। शांति।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया है-IAF पायलट ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन से हुए दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह सच्चे फाइटर थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक जंग जारी रखी।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुन्नूर में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को शक्ति प्रदान करे। मै गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया के खोरमा कन्हौली गांव के रहने वाले थे। वरुण सिंह देवरिया के कन्हौली गांव के रहने वाले थे। वह मूलरूप से फाइटर पायलट थे। गोरखपुर से उनका हैदराबाद तबादला हुआ था। वर्तमान में तमिलनाडु के वेलिंगटन में तैनात थे। उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। उनके पिता कृष्ण प्रताप सिंह सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत हुए हैं। बचपन से ही उनकी परवरिश फौजी वातावरण में हुई, उनका छोटा भाई तनुज सिंह नौसेना में हैं।

वरुण अपने पीछे पत्‍नी गीतांजली बेटे रिद रमन और बेटी आराध्या को छोड़ गए हैं, फिलहाल उनका परिवार भोपाल में रहता है। इस दुर्घटना से पहले 12 अक्तूबर 2020 को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बावजूद, वरुण ने करीब दस हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराई थी। इसके लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।

 

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