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रक्षाबन्धन पर आज 11 अगस्त 1547 का महासंयोग, रिश्तों की डोर होगी मजबूत, दिग्गजों ने दी बधाई

नई दिल्ली। प्रेम, आस्था-विश्वास व लोक कल्याण के स्पंदन को समेटने वाले अनुपम स्नेह का पर्व रक्षाबंधन पूरे देश में रक्षाबन्धन आज मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य नेताओं व ​हस्तियों ने इस पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई। ये त्योहार प्यार, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। आइए हम एक ऐसे सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लें जहां महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को अत्यधिक महत्व दिया जाए और वे अपनी आकांक्षाओं को स्वतंत्र रूप से पूरा करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि सभी देशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ढेरों शुभकामनाएं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी समस्त देशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रेम, विश्वास व सर्वकल्याण की भावना से ओत-प्रोत अनुपम स्नेह-पर्व रक्षाबंधन की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आप सभी देशवासियों को पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि इस अनुपम पर्व के माध्यम से हमारे समाज में महिलाओं, विशेष रूप से बेटियों के हितों की रक्षा और उन्हें खुशहाल बनाने के प्रयासों को मजबूती मिले।

रक्षाबंधन का त्योहार इस बार सावन पूर्णिमा पर धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जा रहा है। इसके साथ ही इस बार शोभन योग भी इस त्योहार को खास बना रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार 474 साल बाद राखी पर महासंयोग बना है। इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी जब धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया था, और सूर्य, मंगल और बुध एक साथ ऐसी स्थिति में आए थे। उस समय शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में विराजमान थे, जबकि इस बार शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में स्थित रहेंगे।

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इसके अलावा रक्षाबंधन पर्व पर राजयोग भी है। राखी पर इस साल भद्रा का साया नहीं है। इसलिए बहनें पूरे दिन भाई को राखी बांध सकती हैं। इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री है और साथ ही चंद्रमा भी वहां मौजूद हैं। गुरु और चंद्रमा की इस युति से रक्षाबंधन पर गजकेसरी योग बन रहा है। गजकेसरी योग मनुष्य की महत्वाकांक्षाएं पूरी करता है। धन, सम्पत्ति, मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है। गजकेसरी योग से राजसी सुख और समाज में मान सम्मान की भी प्राप्ति होती है।

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