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मुख्तार के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी सपा में शामिल, अम्बिका चौधरी भी दोबारा साइकिल पर सवार

लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों में नये मेहमानों की आवाजाही शुरू हो गई है। कई लोग अपनी घर वापसी भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी (Sibgatullah Ansari) ने अपने बेटे के साथ शनिवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की सदस्यता ली। इसके साथ ही अम्बिका चौधरी (Ambika Choudhary) ने भी बेटे से साथ सपा (SP) में घर वापसी की। मुलायम सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अम्बिका चौधरी लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा (BSP) में शामिल हो गए थे। अब वह फिर सपा की राजनीति करते दिखायी देंगे।

सिबगतुल्लाह अंसारी और उनके बेटे मुन्नू अंसारी (Munnu Ansari) गाजीपुर से शनिवार को भारी समर्थकों के साथ सपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। इन लोगों ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। सिबगतुल्लाह अंसारी गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अलका राय ने उन्हें शिकस्त दी थी। अब उनके एक बार सपा में शामिल होने के बाद गाजीपुर की सियासत में नये समीकरण देखने को मिलेंगे। कयास लगाये जा रहे हैं कि सिबगतुल्लाह या उनके बेट को विधानसभा चुनाव में सपा टिकट दे सकती है।

अंसारी परिवार के रिश्ते पहले भी सपा से रहे हैं। इन्होंने कौमी एकता दल नाम से सियासी पार्टी भी बनाई थी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले भी अंसारी परिवार ने कौमी एकता दल का विलय सपा में कर दिया था। हालांकि अखिलेश यादव के विरोध पर मामला बिगड़ गया। इसके बाद इस परिवार ने बसपा की राजनीति की। मऊ की सदर सीट से मुख्तार अंसारी, घोसी सीट से मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी व गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से सिबगतुल्लाह अंसारी को मायावती ने पार्टी का टिकट दिया। हालांकि जीत केवल मुख्तार अंसारी को ही नसीब हुई। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बसपा ने अफजाल अंसारी को गाजीपुर से टिकट दिया और उन्होंने जीत हासिल की।

वहीं समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे अम्बिका चौधरी 1993 से लगातार विधायक रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने बसपा से चुनाव लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। हाल ही में पंचायत चुनाव में उनके बेटे ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली और जिला पंचायत अध्यक्ष बने। इसके बाद से ही अम्बिका चौधरी की घर वापसी की अटकलें लगायी जा रही थीं।

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