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प्रेरणा की मिसाल बनी नारी शक्ति : मिशन शक्ति पुरस्कार से सम्मानित होंगी नीता और निरुपमा

लखनऊ। राजधानी में शनिवार का दिन महिला शक्ति के सम्मान का होगा। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मिशन शक्ति 3.0 का शुभारंभ करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य से बदलाव की मुहिम चलाने वाली आधी आबादी को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल होंगी।

इस अवसर पर प्रदेश की 75 ऐसी महिलाओं को चयनित किया गया है जिन्हें मिशन शक्ति के पूर्व के चरणों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मिशन शक्ति पुरस्कार भी दिये जाएंगे। मिशन शक्ति के दौरान प्रदेश में अभियान का नेतृत्व करने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग से बरेली मंडल की उपनिदेशक नीता अहिरवार और वाराणसी जनपद की संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह को चुना गया है।

स्वेच्छिक संगठनों-उद्यमियों को जोड़ा मिशन से

नीता अहिरवार ने कोरोना संक्रमण के दौरान जनपद बरेली में विभिन्न विभागों के बीच मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी के रूप कार्य किया। उन्होंने जनपद स्थित विभागों के साथ-साथ स्वेच्छिक संगठनों तथा विभिन्न उद्यमियों को मिशन के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही मिशन के उददेश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों का खास तौर पर प्रयोग किया।

महिलाओं-बच्चों को शासन की योजनाओं का दिलाया लाभ

जनपद ब्लॉक तथा ग्राम स्तर के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों तथा जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी नीता अहिरवार ने लगातार कोशिशें की। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक महिलाओं व बच्चों को इनसे जोड़ना इनकी प्राथमिकता रही। इसकी बदौलत बरेली जनपद में मिशन शक्ति की अवधि के दौरान पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना से लगभग 7,000 नवीन महिलाओं तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में लगभग 8,000 नये लाभार्थियों को जोड़ा गया।

‘हुनर की पाठशाला’ बनी लोगों के लिए प्रेरणा

इनके नेतृत्व में बरेली में मिशन स्वावलंबन को महत्व देते हुये, महिला शारणालय बरेली की महिलाओं के साथ ‘हुनर की पाठशाला’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसके जरिए महिलाओं को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही विद्यालयों के स्तर पर लगभग 260 मास्टर प्रशिक्षक तैयार कर 25000 से ज्यादा बालिकाओं को ‘आत्मरक्षा प्रशिक्षण’ दिलाया गया है।

बालिकाओं को सुरक्षा तथा संरक्षण प्रदान करने की कवायद

वहीं निरुपमा सिंह ने भी कोरोना के जिला बाल संरक्षण इकाई में कार्यरत् होने के साथ-साथ, वन स्टॉप सेंटर, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ योजना, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष आदि के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई। मिशन शक्ति अभियान के दौरान निरूपमा का फोकस रहा कि ऐसे तंत्र बनायें जायें जो मिशन के बाद भी महिलाओं विशेषकर बालिकाओं को सुरक्षा तथा संरक्षण प्रदान करें। इसके लिए उन्होंने ग्राम बाल संरक्षण समिति व ब्लॉक बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठको कराई और बालिकाओं को बाल विवाह व यौन शोषण के मुद्दों पर विशेष रूप से जागरूक किया।

बाल विवाह रुकवाने से लेकर यौन शोषण मामले में कराया रेस्क्यू

सभी ग्राम बाल संरक्षण समिति के सदस्यों को शामिल करते हुये उन्होंने विकास खंड स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप बनवाए, जिससे ग्राम स्तर तक वे स्वयं महिलाओं तथा बालिकाओं के मुद्दों को तकनीक के माध्यम से पहुंचा सके। इसका परिणाम यह रहा कि जन सामान्य के मध्य महिलाओं तथा बालिकाओं से सम्बन्धित मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का उन्हें भी एक माध्यम मिला।

निरुपमा ने कोरोना के दौरान ही मिशन के अंतर्गत 18 बाल विवाहों की सूचना मिलने पर उन्हें रुकवाया गया। इस दौरान कई मौकों पर उन्हें यौन शोषण के प्रकरणों की जानकारियां प्राप्त हुई, जिनपर तत्काल कार्रवाई कराते हुये उन्होंने सरवाइवरस् को रेस्क्यू भी कराया।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: रिकॉर्ड 1.55 लाख नयी पात्र बालिकाओं को जोड़ा

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विगत तीन सप्ताह में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत रिकॉर्ड 1.55 लाख नयी पात्र बालिकाओं को जोड़ा गया है, जिनके खाते में देय लाभ की धनराशि मिशन शक्ति 3.0 के लांच कार्यक्रम के दौरान भेजी जाएगी।

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