Homeदेशउत्तराखण्ड में बारिश का कहर, अब तक 43 की मौत, प्रधानमंत्री व्यथित

उत्तराखण्ड में बारिश का कहर, अब तक 43 की मौत, प्रधानमंत्री व्यथित

देहरादून। उत्तराखण्ड में बीते 48 घंटे से बारिश आफत बनकर बरस रही है। कुमाऊं में हालात बेहद खराब है। मंगलवार को यहां अलग-अलग हिस्सों में 37 व्यक्तियों की मौत हुई है। इनमें नैनीताल में 27, अल्मोड़ा में 06 और चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में 01-01 व्यक्ति की मौत हुई है। कई लोगों के लापता होने की भी आशंका जतायी गई है। फिलहाल सरकारी दावों में मरने वालों की संख्या 22 बताई गई है। जबकि दो दिन की बारिश में प्रदेश में मृतकों की संख्या 43 पहुंच गई है और 09 नोग लापता बताए गए हैं।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी @narendramodi ने भारी बारिश के कारण हुई जानमाल की क्षति पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा के कारण लोगों की जान जाने से मैं व्यथित हूं। घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। प्रभावित लोगों की मदद के लिए बचाव कार्य जारी है। मैं सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा @JPNadda ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में भीषण बारिश के चलते कई लोगों की असामयिक मृत्यु का समाचार दुःखद है। स्थानीय प्रशासन व भाजपा कार्यकर्ता पीड़ितों की मदद में तत्परता से जुटे हैं। शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी @pushkardhami ने राहत कार्यों को लेकर स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री कल से सभी जिलाधिकारियों से हर पल की अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को बाजपुर, रामनगर, किच्छा और सितारगंज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जायजा लिया।

वहीं लोगों का दर्द बांटने के लिए वह उनके बीच भी पहुंचे। देर शाम वह हल्द्वानी पहुंचे और गोला फुल सहित नैनीताल जनपद के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।

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मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को पूरी मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण बनी स्थिति के मद्देनजर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से जगह-जगह जाकर नुकसान एवं राहत और बचाव कार्यों का जायजा ले रहा हूं। उन्होंने उधमसिंह नगर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि जिले में आई आपदा में 34 लोगों की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये और जिनके घर टूटे हैं उन्हें 1.9 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिन्हें पशु हानि हुई है उनकी भी सहायता की जाएगी।

अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सेना के तीन हेलीकॉप्टर लगाये गये हैं। नैनीताल के रामनगर में आर्मी के हेलिकॉप्टर की मदद से सुंदरखाल गांव में फंसे चौबीस से अधिक ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। ग्रामीण पिछले 48 घंटों से नदी के बीचों बीच फंसे हुए थे। वहीं रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिसॉर्ट में करीब 200 लोग फंस गए, जहां कोसी नदी का पानी रिसॉर्ट में घुस गया। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है।

अन्य क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम आपदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। इसके साथ ही सरकार ने आपदा में राहत और बचाव के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी कर दिये हैं। इनके जरिए हर पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासन स्तर पर लागातर राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के मुताबिक अब तक नैनीताल में 18 मृतक, 05 लापता और 02 घायलों की सूचना दर्ज की गई है। अल्मोड़ा में 03 मृतक व 01 लापता, चम्पावत में 01 मृतक व 02 लापता हैं। उत्तरकाशी में ऋषिकेश—गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सुक्खी टॉप यातायात के लिए अवरुद्ध है। टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अवरुद्ध मार्गों को खोलने का काम जारी है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि रामनगर-रानीखेत मार्ग स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट में फंसे करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान नैनीताल जिले में हुआ है। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे में बहुत भारी बारिश हुई है। नैनीताल में 401 एमएम बारिश दर्ज हुई है जबकि पिथौरागढ़ में 212.1 एमएम, मुक्तेश्वर 340.8 एमएम बारिश हुई है।

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