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कुमांऊ के लोगों की मुराद पूरी, किच्छा में खुलेगा ऋषिकेश एम्स का सेटेलाइट सेंटर

-केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दी हरी झंडी

देहरादून। कुमाऊं मंडल के लोगों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केन्द्र सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। इस तरह अब कुमाऊं के लोगों को अपने ही क्षेत्र में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार निलाम्बुज शरण ने इस सम्बन्ध में एम्स रायबरेली के अधिशासी निदेशक और एम्स ऋषिकेश का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे प्रो.अरविंद राजवंशी को पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा है कि उत्तराखण्ड सरकार ने कई बार कुमाऊं में एम्स खोलने की मांग की है। इसके मद्देनजर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कुमाऊं के ऊधम सिंह नगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सेटेलाइट सेन्टर स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए राज्य सरकार किच्छा में जमीन उपलब्ध कराएगी। राज्य सरकार ने किच्छा के प्राग फार्म में करीब 200 एकड़ भूमि चिह्नित की है।

वहीं मुख्यमंत्री धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार जताया है। मुख्यमंत्री धामी इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहले अनुरोध कर चुके थे। उन्होंने कहा कि अब राज्य की मांग पूरी होने पर ऋषिकेश एम्स का सेटेलाइट सेंटर खुलने पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन होगा।

राज्य सरकार अब इस सम्बन्ध में जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू करते हुए जगह का चयन करके शिलान्यास की कार्रवाई करेगी। खास बात है कि इस पहल से न सिर्फ उधम सिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जैसे जनपदों के लोगों को लाभ मिलेगा बल्कि देवभूमि के करीब उत्तर प्रदेश के जिलों रामपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत और बरेली सहित अन्य जनपदों की आबादी भी लाभ उठा सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी कुमाऊं एम्स की स्थापना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि ये राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए यह बहुत बड़ी पहल है। वहीं किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि एम्स बनने से कुमाऊं के साथ ऊधम सिंह नगर नगर व किच्छा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इससे किच्छा का अभूतपूर्व विकास होगा। किच्छा की पहचान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में देश में होगी।

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केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेन्टर के लिए तकनीकी टीम सम्बन्धित जमीन का उचित परीक्षण करेगी। इसमें एम्स ऋषिकेश के चीफ आर्किटेक्ट और सुपरिटेंडेंट इंजीनियर शामिल होंगे। इसके अलावा एम्स दिल्ली के मेडिकल सुपरिटेंडेंट भी भी होंगे। इसके बाद इसकी डीपीआर तैयार करते हुए आगे की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

दरअसल ऋषिकेश में एम्स स्थापित होने के बावजूद कुमाऊं मंडल के दूर दराज के क्षेत्रों के लोगों को सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्र सरकार से कुमाऊं मण्डल में एम्स की स्थापना का अनुरोध किया था

उन्होंने कहा था कि देश में पहले भी एक राज्य में दो एम्स स्थापित हो चुके हैं। ऐसे में कुमाऊं में नया एम्स खोलने की मंजूरी दी जाए। एम्स के लिए राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने की भी बात कही। मुख्यमंत्री धामी की ये कोशिश अब रंग लाई, जो स्वास्थ्य सेक्टर में क्रान्तिकारी बदलाव की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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