Homeजुर्मसिंघु बॉर्डर पर बेरहमी से हत्या के आरोपी 'निहंग' का आत्मसमर्पण

सिंघु बॉर्डर पर बेरहमी से हत्या के आरोपी ‘निहंग’ का आत्मसमर्पण

नई दिल्‍ली। सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के 15 घंटे बाद एक निहंग ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। कुंडली थाने से पुलिस की एक टीम शुक्रवार शाम सिंघु बॉर्डर पर निहंगों के डेरे में पहुंची। जहां सरबजीत सिंह नाम के निहंग ने पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण के बाद सरबजीत ने कहा कि यह किसान आन्दोलन का नहीं, बल्कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला है। रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार शुक्रवार दोपहर बाद से सोनीपत के डीसी ललित सिवाच और सोनीपत के एसपी जेएस रंधावा के साथ कुंडली थाने में मौजूद थे। तीनों अधिकारी लगातार निहंगों और किसान आन्दोलन से जुड़े नेताओं से बातचीत करते रहे, ताकि वारदात में शामिल लोगों का आत्मसमर्पण कराया जा सके। इसके बाद शाम को निहंग जत्थेबंदियां जब सरबजीत सिंह का आत्मसमर्पण करवाने के लिए तैयार हो गईं, तो संदीप खिरवार ने डीएसपी वीरेंद्र राव के नेतृत्व में पुलिस टीम निहंगों के डेरे में भेजी। इसके बाद आरोपी निहंग ने आत्मसमर्पण किया।

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डीएसपी वीरेंद्र राव की अगुआई में पुलिस टीम के साथ सरबजीत सिंह डेरे से गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन के लिए निकला। इस दौरान वहां मौजूद निहंगों ने बोले सो निहाल के नारे भी लगाए। आत्मसमर्पण से पहले सरबजीत सिंह को सिरोपा पहनाया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शन स्‍थल पर शुक्रवार सुबह एक शख्‍स का शव पाया गया था जिसकी कलाई और पैर को निर्ममता से काट दिया गया था। मारे गए व्‍यक्ति की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के लखबीर सिंह के रूप में हुई थी। लखबीर एक मजदूर था और उसके परिवार में एक बहन, पत्नी और तीन बेटियां हैं, जिनमें से सबसे बड़ी 12 साल की है और सबसे छोटी आठ साल की है। कहा जा रहा है कि सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को कथित रूप से अपवित्र करने के लिए लखबीर सिंह को पीट-पीटकर मार डाला गया और उसका बायां हाथ और दाहिना पैर काट दिया गया। हत्यारों ने शव को पुलिस के बैरिकेड्स से बांध दिया और उसे वहीं छोड़ दिया ताकि उसकी तलाश की जा सके।

यह मामला सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान संघों के एकछत्र निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने घटना की निन्दा की थी और हत्या से से पल्ला भी झाड़ लिया। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि उनका दोनों पक्षों – निहंग समूह (और) मृतक से कोई संबंध नहीं है। समूह ने कहा कि वह धार्मिक बेअदबी से घृणा करता है। लेकिन, कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

 

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