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चुनाव आयोग की वेबसाइट में सेंध लगाकर बना डाले दस हजार वोटर कार्ड, तीन गिरफ्तार

कुंवर अशोक सिंह राजपूत

सहारनपुर/लखनऊ/दिल्ली। साइबर हैकरों ने भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की वेबसाइट को हैक करके तीन माह में 10 हजार से ज्यादा मतदाता पहचान पत्र बना डाले। वेबसाइट हैक करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों विपुल सैनी और अरमान मलिक को गिरफ्तार किया है। दोनों ने चुनाव आयोग की वेबसाइट का पासवर्ड हासिल कर लिया और काफी दिनों से दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, विपुल सैनी को जेल भेज दिया गया है।

सहारनपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले में चुनाव आयोग में काम करने वाला डेटा एंट्री ऑपरेटर भी गिरफ्तार हुआ है। साइबर सेल थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि यूपी से सहारनपुर से विपुल सैनी व मध्य प्रदेश से अरमान मलिक को गिरफ्तार कर आइटी एक्ट और धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। विपुल ने बीसीए किया हुआ है, पिता किसान हैं।

सहारनपुर पुलिस के एसएसपी एस चेनप्पा ने बताया कि आरोपी विपुल सैनी ने नकुड़ इलाके में अपनी कम्प्यूटर की दुकान से इस हैकिंग को अंजाम दिया। हाल में निर्वाचन आयोग को वेबसाइट पर कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ तब आयोग ने यूपी पुलिस व दूसरी एजेंसियों को इस गड़बड़ी की जानकारी दी। एजेंसियों की जांच के दौरान आरोपी विपुल सैनी शक के दायरे में आया। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने विपुल सैनी के घर पर छापा मारा और फिर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के बाद सैनी को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। दिल्ली की जांच एजेंसी दो तीन दिन बाद आरोपित को बी-वारंट पर दिल्ली लेकर जाएगी।

एमपी निवासी अरमान वर्तमान में दिल्ली में रहता है। विपुल सैनी ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अरमान मलिक के कहने पर वेबसाइट का गलत प्रयोग किया। विपुल सैनी ने तीन माह में 10 हजार वोटर आइडी कार्ड बनाए और प्रत्येक कार्ड बनाने के लिए वह लोगों से 100 से 200 रुपये लेता था। स्थानीय पुलिस ने हैकर सैनी के खाते ही जानकारी भी जुटाई है, उसके खाते में 60 लाख रुपये मिले हैं। हालांकि पुलिस अभी यह नहीं बता सकी है कि कहां से कितने रुपये डाले गए हैं।

उधर निर्वाचन आयोग का कहना है, ‘AERO ऑफिस के एक डेटा एंट्री ऑपरेटर ने गैरकानूनी तरीके से सहारनपुर के नकुड़ में एक अनाधिकृत प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर को अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड शेयर किया था। आयोग को जानकारी मिली थी कि कुछ वोटर आईडी प्रिंट करने के लिए ऐसा किया गया था। हैकर की घुसपैठ के बाबजूद निर्वाचन आयोग का डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित है।

इस मामले में समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘यूपी चुनाव आयोग की वेबसाइट में एक युवक द्वारा ‘डिजिटल सेंधमारी’ कर नक़ली वोटर आईडी कार्ड बनाए जाने की ख़बर बेहद गंभीर है। ऐसे घपलों के लिए पूरे राज्य में जांच हो, ये चुनाव आयोग की सुरक्षा ही नहीं बल्कि गरिमा का भी सवाल है।’

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