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कौन हैं उत्तराधिकारी को लेकर सुर्खियों में आए ‘बलवीर’ और क्या है मुख्यमंत्री योगी से उनका कनेक्शन, जानें

प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थिति में मौत और कथित सुसाइड नोट के बाद एक नाम बेहद चर्चाओं में आ गया है। इस नाम का जिक्र कथित सुसाइड नोट में महन्त नरेन्द्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर पर है। इनका नाम बलवीर गिरि है। सुसाइड नोट में नरेन्द्र गिरी ने बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाए जाने की बात कही है।

महन्त नरेन्द्र गिरि ने सुसाइड नोट में बलवीर गिरि को मठ और मन्दिर की व्यवस्था देखने को कहा है। उन्होंने लिखा है, प्रिय बलवीर गिरि मठ, मन्दिर की व्यवस्था का प्रयास करना, जिस तरह से मैंने किया। इसी तरह से करना। नितेश गिरि एवं मणि सभी महात्मा बलवीर गिरि का सहयोग करना। परमपूज्य महन्त हरिगोविन्द गिरि एवं सभी से निवेदन है कि मढ़ी का महन्त बलवीर गिरि को बनाना। महन्त रविंद्र पुरी जी (सजावट मढ़ी) आपने हमेशा साथ दिया। मेरे मरने के बाद बलवीर गिरि का ध्यान दीजिएगा। सभी को ओम नमो नारायण।

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दरअसल बलवीर गिरि महन्त नरेन्द्र गिरी के लगभग 15 वर्ष पुराने शिष्य हैं। महन्त नरेन्द्र गिरि ने उन्हें हरिद्वार आश्रम का प्रभारी बनाया था। आनन्द गिरि और बलवीर गिरि लगभग एक ही समय में महन्त नरेन्द्र गिरि के शिष्य बने थे। आनन्द बाद में विवादों में आ गये और अब उन्हें महन्त की संदिग्ध मौत को लेकर पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बलवीर, महन्त नरेन्द्र गिरि के साथ साये की तरह नजर आते थे। मठ, मन्दिर का पूरा काम संभालते थे।

बलवीर मूल रूप से उत्तराखण्ड के रहने वाले हैं। वह 2005 में सन्त बने थे। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महन्त नरेन्द्र गिरि के अन्तिम दर्शन के लिए आने पर बलवीर ही उनके ठीक बगल में बैठे थे। मुख्यमंत्री ने बलवीर से चर्चा भी की। योगी आदित्यनाथ स्वयं भी मूल रूप से उत्तराखण्ड के रहने वाले हैं। सन्यासी जीवन से पहले वह उत्तराखण्ड में ही अपने परिवार के साथ रहते थे। इस तरह दोनों ही सन्यासियों का देवभूमि से जुड़ाव रहा है। वहीं अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद और पंच परमेश्वर ने भी आज बलवीर गिरि को अपना आशीर्वाद दिया।

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अहम बात है कि जिस सुसाइड नोट पर सवाल उठाये जा रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कि इसे मौत से पहले महन्त नरेन्द्र गिरि ने ही लिखा था। क्या उसी के आधार पर अब बलवीर गिरि के नाम का ऐलान महन्त नरेन्द्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर पर किया जाएगा। हालांकि कहा जा रहा है कि महन्त नरेन्द्र गिरि और बलवीर के गुरु शिष्य के प्रेम को देखते हुए उनके नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

इस बीच बलवीर गिरि ने भी सुसाइड नोट की लिखावट को महन्त नरेन्द्र गिरि की ही बताया है। उन्होंने कहा कि लिखावट गुरुजी की है और ये उन्होंने ही लिखा है। बलवीर गिरि ने कहा कि कहा कि महन्त नरेंद्र गिरि के साथ जिन लोगों ने ये सब किया है उनको हम लोग अंदर भिजवा के ही रहेंगे। हमें कानून पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि गुरु विष पी जाता है, शिष्य को कुछ नहीं बताता है। मैं गुरु जी के साथ रहा हूं और अच्छी तरह से जानता है कि पत्र उन्होंने ही लिखा है।

वहीं महन्त नरेन्द्र गिरि की मौत के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष पद भी रिक्त हो गया है। ऐसे में पंच परमेश्वरों की होने वाली महत्त्वपूर्ण बैठक पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। चर्चा है कि जूना अखाड़े में होने वाली अखाड़ा परिषद के इस बैठक में महन्त हरी गिरि को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।

 

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